उर्वरक प्रबंधन व NPK / उर्वरक विभाग

खाद की मात्रा कैलकुलेटर

खेत के N-P-K पोषण लक्ष्य के अनुसार डीएपी (50 किलो), नीम कोटेड यूरिया (45 किलो) और पोटाश की सही बोरियों की गणना करें।

खाद की मात्रा कैलकुलेटर फसलों के अनुशंसित N-P-K (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) पोषण लक्ष्यों को बाजार में मिलने वाली असली उर्वरक बोरियों में परिवर्तित करता है। यह टूल डीएपी (DAP 18:46:0), नीम कोटेड यूरिया (Urea 46% N की 45 किलो बोरी), और म्यूरिएट ऑफ पोटाश (MOP 60% K₂O) की संतुलित मात्रा निकालता है तथा डीएपी से मिलने वाली 18% नाइट्रोजन को यूरिया की मात्रा में से स्वतः घटाकर यूरिया की ओवरडोजिंग रोकता है।

गणना पैरामीटर
एकड़
किग्रा प्रति एकड़
किग्रा प्रति एकड़
किग्रा प्रति एकड़
गणना परिणाम उर्वरक विभाग / ICAR
अनुशंसित उर्वरक बोरियों की कुल संख्या 3 बोरी DAP + 4 बोरी यूरिया + 1 बोरी MOP
2.0 एकड़ गेहूं | डीएपी: 108.7 किग्रा (3 बोरी 50kg) | यूरिया: 174.9 किग्रा (4 बोरी 45kg) | पोटाश: 50.0 किग्रा (1 बोरी 50kg)

डीएपी से मिलने वाली 18% नाइट्रोजन को यूरिया की गणना में स्वतः घटाकर यूरिया की ओवरडोजिंग रोकी गई है।

तकनीकी फॉर्मूला व गणना पद्धति

डीएपी (किग्रा) = कुल लक्ष्य P₂O₅ ÷ 0.46 | डीएपी बोरी (50 किग्रा) = ⌈डीएपी किग्रा ÷ 50⌉ डीएपी से प्राप्त नाइट्रोजन = डीएपी किग्रा × 0.18 बची नाइट्रोजन = कुल लक्ष्य N − डीएपी से प्राप्त N यूरिया (किग्रा) = बची Nitrogen ÷ 0.46 | यूरिया बोरी (45 किग्रा) = ⌈यूरिया किग्रा ÷ 45⌉ पोटाश MOP (किग्रा) = कुल लक्ष्य K₂O ÷ 0.60 | MOP बोरी (50 किग्रा) = ⌈MOP किग्रा ÷ 50⌉
यूरिया की किस्तों में टॉप-ड्रेसिंग

यूरिया एक साथ कभी न डालें। बुवाई पर 1/3 यूरिया + पूरा DAP व पोटाश दें। शेष यूरिया पहली व दूसरी सिंचाई पर आधा-आधा छिड़कें।

मृदा रसायन, पोषक तत्व परस्पर क्रिया और संतुलित उर्वरक प्रयोग

1. अपनी फसल का मानक पोषण प्रीसेट चुनें (जैसे गेहूं 50:25:15, धान 48:24:16, सरसों, आलू, मक्का आदि) या कस्टम NPK दर्ज करें। 2. खेत का क्षेत्रफल एकड़ में दर्ज करें। 3. आवश्यकतानुसार नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश की अनुशंसित मात्रा (किग्रा/एकड़) जांचें। 4. कैलकुलेटर तुरंत डीएपी (50 किग्रा बोरी), नीम कोटेड यूरिया (45 किग्रा बोरी) और पोटाश बोरियों की सटीक संख्या और बेसल डोज (बुवाई के समय) व टॉप ड्रेसिंग (खड़ी फसल) का शेड्यूल प्रदर्शित करेगा।

वास्तविक गणना उदाहरण

2.0 एकड़ गेहूं की फसल के लिए अनुशंसित पोषण 50 किग्रा N, 25 किग्रा P₂O₅, और 15 किग्रा K₂O प्रति एकड़ है (कुल लक्ष्य: 100 किग्रा N, 50 किग्रा P, 30 किग्रा K)। चरण 1 (डीएपी से फॉस्फोरस): 50 ÷ 0.46 = 108.7 किग्रा डीएपी (लगभग 2.2 बोरी $\rightarrow$ 3 बोरी 50 किग्रा डीएपी)। चरण 2 (डीएपी से मिली नाइट्रोजन): 108.7 × 0.18 = 19.57 किग्रा N। चरण 3 (बची नाइट्रोजन यूरिया से): 100 − 19.57 = 80.43 किग्रा N। यूरिया मात्रा = 80.43 ÷ 0.46 = 174.85 किग्रा (लगभग 3.9 बोरी, यानी 4 बोरी 45 किग्रा नीम कोटेड यूरिया)। चरण 4 (पोटाश MOP): 30 ÷ 0.60 = 50 किग्रा MOP (ठीक 1 बोरी 50 किग्रा पोटाश)।

महत्वपूर्ण तकनीकी सावधानियां

यूरिया की पूरी मात्रा कभी भी बुवाई के समय एक साथ न डालें। डीएपी और पोटाश की पूरी मात्रा तथा यूरिया का एक-तिहाई भाग बुवाई के समय (बेसल) डालें। शेष यूरिया को पहले और दूसरे पानी (सिंचाई) के बाद 2 समान किस्तों में टॉप ड्रेसिंग के रूप में दें।

आधिकारिक मानक व तकनीकी संदर्भ:
उर्वरक विभाग (रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार), ICAR मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संस्तुतियां, और राज्य कृषि विश्वविद्यालय फसल पैकेज।

चरण-दर-चरण व्यावहारिक मार्गदर्शन

उर्वरक प्रयोग का सही समय और वैज्ञानिक विधि

खाद का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रयोग अनुसूची:

01
बुवाई के समय बेसल डोज (Basal Dose) डालें

डीएपी और पोटाश को सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल से बीज के 2-3 सेमी नीचे डालें ताकि अंकुरित जड़ों को तुरंत पोषण मिले।

02
पहला पानी लगाने के बाद यूरिया डालें

गेहूं में 21 दिन पर पहली सिंचाई (CRI स्टेज) के बाद मिट्टी में ओट (हल्की नमी) आने पर यूरिया का पहला टॉप ड्रेसिंग करें।

03
शाम के समय छिड़काव करें

यूरिया का छिड़काव सुबह ओस में न करें; पत्तियों पर यूरिया चिपकने से पत्तियां झुलस (Scorching) सकती हैं।

तकनीकी परामर्श व फॉर्मूला सत्यापन: सभी गणना सूत्र भारतीय राष्ट्रीय मानकों (IS कोड, CPWD दर अनुसूची, ICAR, NDDB, MNRE, ARAI) के अनुरूप तैयार किए गए हैं। किसी भी तकनीकी प्रश्न या सुधार हेतु कृपया हमारे तकनीकी इंजीनियरों से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

डीएपी में 18% नाइट्रोजन होने का क्या महत्व है?

जब आप 1 बोरी (50 किलो) डीएपी डालते हैं, तो खेत को 23 किलो फॉस्फोरस के साथ 9 किलो शुद्ध नाइट्रोजन भी मुफ्त मिलती है। इस 9 किलो नाइट्रोजन को यूरिया की गणना में से घटाना चाहिए ताकि फसल में अत्यधिक नाइट्रोजन से रोग न लगें।

यूरिया की बोरी 50 किलो की जगह 45 किलो की क्यों होती है?

भारत सरकार ने नीम लेपित यूरिया (Neem Coated Urea) की उच्च दक्षता और संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यूरिया बैग का मानक वजन 50 किग्रा से घटाकर 45 किग्रा कर दिया है।

क्या डीएपी की जगह एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) इस्तेमाल किया जा सकता है?

हां, एसएसपी (16% P₂O₅) में फॉस्फोरस के साथ 11% सल्फर और 19% कैल्शियम भी होता है जो तिलहन (सरसों) और दलहन फसलों के लिए डीएपी से भी अधिक लाभकारी साबित होता है। 1 बोरी डीएपी की जगह 3 बोरी एसएसपी + 20 किलो यूरिया का उपयोग किया जाता है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) का उपयोग कैसे करें?

अपने खेत की मिट्टी जांच करवाकर कार्ड में दी गई पोषण स्थिति देखें। यदि मिट्टी में पोटाश या फॉस्फोरस पहले से अधिक है, तो खाद की मात्रा को तदनुसार घटाकर अपनी लागत बचाई जा सकती है।

गेहूं में पहली और दूसरी सिंचाई पर यूरिया की कितनी मात्रा देनी चाहिए?

गेहूं में पहले पानी (CRI स्टेज, 21 दिन) पर प्रति एकड़ 1 बोरी (45 किग्रा) यूरिया और दूसरे पानी (40-45 दिन, कल्ले फूटते समय) पर 30 से 35 किग्रा यूरिया छिड़कना चाहिए।

एनपीके 12:32:16 और डीएपी 18:46:0 में कौन सी खाद बेहतर है?

एनपीके 12:32:16 एक संपूर्ण संतुलित खाद है क्योंकि इसमें फॉस्फोरस के साथ-साथ 16% पोटाश भी होता है जो दाने को चमकदार और तने को मजबूत बनाता है। डीएपी में पोटाश शून्य होता है।

फसल में जिंक सल्फेट कब और कितना डालना चाहिए?

धान और गेहूं में जिंक की कमी से खैरा रोग होता है। बुवाई या रोपाई के समय प्रति एकड़ 5 किलो जिंक सल्फेट (33%) या 10 किलो जिंक (21%) मिट्टी में मिलाएं। इसे कभी डीएपी के साथ मिलाकर न डालें।

नैनो यूरिया (Nano Urea) का छिड़काव कब और कैसे करें?

नैनो यूरिया लिक्विड की 500 मिली बोतल 1 बोरी दानेदार यूरिया के बराबर काम करती है। कल्ले फूटते समय और फूल आने से पहले 2 से 4 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर पत्तियों पर स्प्रे किया जाता है।

म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP 60%) का क्या कार्य है?

पोटाश पौधों में सूखा व ठंड सहने की क्षमता बढ़ाता है, तने को गिरने (Lodging) से बचाता है और आलू, गन्ना, प्याज व अनाजों में दाने का आकार, वजन व चमक बढ़ाता है।

क्या यूरिया और डीएपी को पहले से मिलाकर रखा जा सकता है?

नहीं। यूरिया और डीएपी को आपस में मिलाने पर हवा की नमी से तुरंत रासायनिक क्रिया शुरू हो जाती है और मिश्रण पसीजकर चिपचिपा व ढेलेदार हो जाता है। इन्हें बुवाई से ठीक पहले ही मिलाएं।